Tinku Ki Shayari
"1.सीने में जूनून और आँखों में देशभक्ति की चमक रखते हैं, दुश्मन की सांसें थम जाएं, हम वो धमक रखते हैं, हथियार तो हम सिर्फ शौक के लिए रखते हैं, वरना दुश्मनों को उड़ाने के लिए हम आँखों में ही आग रखते हैं। "
"1.सीने में जूनून और आँखों में देशभक्ति की चमक रखते हैं, दुश्मन की सांसें थम जाएं, हम वो धमक रखते हैं, हथियार तो हम सिर्फ शौक के लिए रखते हैं, वरना दुश्मनों को उड़ाने के लिए हम आँखों में ही आग रखते हैं। "
Tinku Ki Shayari
"2.बर्फ के पहाड़ों में भी हम जलते अंगारे हैं, भारत माँ की रक्षा के लिए हम सबसे न्यारे हैं, मौत भी घबराती है हमारे पास आने से, क्योंकि हम हिन्दुस्तान के जांबाज दुलारे हैं। "
"2.बर्फ के पहाड़ों में भी हम जलते अंगारे हैं, भारत माँ की रक्षा के लिए हम सबसे न्यारे हैं, मौत भी घबराती है हमारे पास आने से, क्योंकि हम हिन्दुस्तान के जांबाज दुलारे हैं। "
Tinku Ki Shayari
"3.ना जीने की आरजू है, ना मरने का खौफ है, बस वतन पर मिटने का एक अलग ही शौक है, जो भी टकराएगा इस तिरंगे की शान से, मिट जाएगा उसका नामोनिशान इस जहान से। "
"3.ना जीने की आरजू है, ना मरने का खौफ है, बस वतन पर मिटने का एक अलग ही शौक है, जो भी टकराएगा इस तिरंगे की शान से, मिट जाएगा उसका नामोनिशान इस जहान से। "
Tinku Ki Shayari
"4.हमारे खून में उबाल आज भी खानदानी है, दुनिया हमारे शौक की नहीं, तेवर की दीवानी है, सरहद पर खड़े हैं जो दीवार बनकर, वो कोई और नहीं, मेरी हिन्दुस्तानी जवानी है। "
"4.हमारे खून में उबाल आज भी खानदानी है, दुनिया हमारे शौक की नहीं, तेवर की दीवानी है, सरहद पर खड़े हैं जो दीवार बनकर, वो कोई और नहीं, मेरी हिन्दुस्तानी जवानी है। "
Tinku Ki Shayari
"5.कलम से नहीं, हम तो गोलियों से इतिहास लिखते हैं, दुश्मन के घर में घुसकर हम अपनी प्यास बुझाते हैं, शेर की दहाड़ सुनकर वो रास्ता बदल लेते हैं, हम वो फौजी हैं जो अपनी शर्तों पर जीते हैं।.. "
"5.कलम से नहीं, हम तो गोलियों से इतिहास लिखते हैं, दुश्मन के घर में घुसकर हम अपनी प्यास बुझाते हैं, शेर की दहाड़ सुनकर वो रास्ता बदल लेते हैं, हम वो फौजी हैं जो अपनी शर्तों पर जीते हैं।.. "
Tinku Ki Shayari
"6.जिगर वालों को डर से कोई वास्ता नहीं होता, हम वहां भी कदम रखते हैं जहाँ कोई रास्ता नहीं होता, आंधियों को कह दो कि अपनी औकात में रहें, हम पंखों से नहीं, हौसलों से उड़ा करते हैं। "
"6.जिगर वालों को डर से कोई वास्ता नहीं होता, हम वहां भी कदम रखते हैं जहाँ कोई रास्ता नहीं होता, आंधियों को कह दो कि अपनी औकात में रहें, हम पंखों से नहीं, हौसलों से उड़ा करते हैं। "
Tinku Ki Shayari
"7.जश्न आज़ादी का हम कुछ ऐसे मनाते हैं, लहू देकर हम इस ज़मीन को सजाते हैं, कोई अगर आँख उठाये मेरे वतन की तरफ, तो उसे उसकी औकात हम उसी वक़्त दिखाते हैं। "
"7.जश्न आज़ादी का हम कुछ ऐसे मनाते हैं, लहू देकर हम इस ज़मीन को सजाते हैं, कोई अगर आँख उठाये मेरे वतन की तरफ, तो उसे उसकी औकात हम उसी वक़्त दिखाते हैं। "
Tinku Ki Shayari
"8.सुहाग की निशानी को संदूक में रख आई है, माँ के चरणों की धुल को माथे पर लगा आई है, ये भारत की बेटी है जनाब, डरती नहीं किसी से, दुश्मन को कुचलने आज वर्दी पहन कर आई है। "
"8.सुहाग की निशानी को संदूक में रख आई है, माँ के चरणों की धुल को माथे पर लगा आई है, ये भारत की बेटी है जनाब, डरती नहीं किसी से, दुश्मन को कुचलने आज वर्दी पहन कर आई है। "
Tinku Ki Shayari
"9.चीर कर बहा दो लहू दुश्मन के सीने का, यही तो असली मज़ा है फौजी होकर जीने का, गोलियों की बौछार से हम डरते नहीं कभी, शौक है हमें तो ज़हर-ए-जुदाई पीने का। "
"9.चीर कर बहा दो लहू दुश्मन के सीने का, यही तो असली मज़ा है फौजी होकर जीने का, गोलियों की बौछार से हम डरते नहीं कभी, शौक है हमें तो ज़हर-ए-जुदाई पीने का। "
Tinku Ki Shayari
"10.राख नहीं, हम वो अमर कहानी हैं, जो सदियों तक दुनिया को सुनानी है, गर्व से कहते हैं हम भारतीय हैं, हमारी रगों में बहता खून नहीं रवानी है। "
"10.राख नहीं, हम वो अमर कहानी हैं, जो सदियों तक दुनिया को सुनानी है, गर्व से कहते हैं हम भारतीय हैं, हमारी रगों में बहता खून नहीं रवानी है। "


0 Comments